योगी सरकार दलितों पर हमले रोकने में नाकाम

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उत्तर प्रदेश में भारी बहुमत से विजयी होने के बाद योगी आदित्यनाथ को देश के सबसे बड़े सूबे की कमान थमाई गई थी योगी आदित्यनाथ को शपथ लिए हुए करीब 2 महीने हो गए पर अपराध रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। भारतीय जनता पार्टी ने योगी आदित्यनाथ को कमान देने के साथ ही जनता को यह संदेश दिया था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्रमुखता होगी और ये दावा भी किया था की कानून से खेलने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

आज उत्तर प्रदेश की हालत देख कर ऐसा लगता है की यह सब सिर्फ वोट बैंक के लिए था। योगी के मुख्य मंत्री बनते ही दलितों पर अत्याचार का सिलसिला शुरू हो गया। भाजपा का दलित प्रेम आज कही नहीं दिख रहा है।
इस बार उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव में दलितों ने अपना वोट भारतीय जनता पार्टी को यह सोच कर दिया था की सब का साथ और सब का विकास करने वाली मोदी सरकार दलितों के विकास पर भी ध्यान देगी पर चुनाव जितने के बाद सब का साथ सब का विकास का नारा दलितों के लिए कही भी नज़र नहीं आ रहा  है।

सहारनपुर में एक महीने के भीतर हिंसा की तीन घटनाएं हो गयी है। सहारनपुर में सम्प्रदियिक दंगे होने लगे कभी अम्बेडकर जयंती पर मुस्लिम और दलित को लड़ाने की कोशिश की गयी। सहारनपुर के शाबिरपुर गांव में सवर्णो ने दलितों के घर जला दिए। और पुलिस वाले तमाशबीन बने यह घटनाएं देख रही थी ।

भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच लगातार हो रही झड़पें भी सरकार के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं और अब तक दो पुलिसकर्मियों की हत्या भी हो चुकी है। पुलिस के पिटने की घटना तो जैसे आम हो गई है।

मेरठ में बीजेपी नेताओं के पुलिस को पीटने का मामला हो या फिर फ़तेहपुर सीकरी में हिंदू संगठन के लोगों का थाने पर हमला बोलना और पुलिस अधिकारियों  पर हाथ उठाना ,गोरखपुर में चर्च में प्रार्थना को धर्मांतरण के नाम पर रुकवा देना या फिर कथित लव जिहाद के नाम पर हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं का क़ानून हाथ में लेना योगी सरकार की क़ानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे  है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाक के नीचे हो रहे अपराध मंगलवार की रात लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र के इंदिरानगर इलाके में कक्षा आठ की छात्रा से चलती कार में तीन लोगों ने गैंगरेप किया. छात्रा से रातभर दरिंदगी के बाद सुबह करीब चार बजे उसे घर के सामने छोड़कर भाग निकले. यह घटना उस रात हुई, जिस दिन विधानसभा में कानून को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने था.

. योगी ने कहा कि था की अपराधियों से कड़ाई से निपटा जाएगा. अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण नहीं दिया जाएगा. अपराध करने वालों को सख्त सजा दी जाएगी, लेकिन लगता है कि उनकी बात पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जहा एक तरफ  योगी आदित्यनाथ खुद गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान हत्या के आरोपी अमनमणि त्रिपाठी के साथ मंच साझा करते है उन से जनता कैसे उम्मीद करे की उत्तर प्रदेश में अपराध कम होंगे ।

प्रमुख घटनाओं पर एक नजर…
16 मई 2017- लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र छात्रा से चलती कार में रातभर गैंगरेप.
15 मई 2017- मथुरा में सर्राफा व्यापारी के यहां डकैती, दो लोगों की हत्या.
14 मई 2017- बरेली में प्रेमी जोड़े की हत्या.
13 मई 2017- कौशांबी में बदमाशों ने नवविवाहिता से गैंगरेप कर शव जलाया.
12 मई 2017- अलीगढ़ में गोरक्षकों की गुंडागर्दी, भैंस काटने के आरोप में 6 लोगों को पीटा.
11 मई 2017- संभल में सांप्रदायिक तनाव.
9 मई 2017- लखनऊ में रिटायर्ड सूबेदार के दो बेटिेयों की बेरहमी से हत्या.
5 मई 2017- सहारनपुर में जातिय हिंसा में कई लोगों की मौत.

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