वेंकैया नायडू ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ठुकराया

खबरे राजनीति

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ दिए गए महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने सोमवार (23 अप्रैल) को ठुकरा दिया है।  एम वेंकैया नायडू ने कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों द्वारा चीफ जस्टिस के खिलाफ दिये महाभियोग के नोटिस में ठोस कारणों की कमी बताते हुए उसे खारिज किया।

महाभियोग प्रस्ताव खारिज किए जाने पर उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा है कि, “मैंने प्रस्ताव में दिए गए सभी पांच आरोपों को अपने विवेक से जांचा परखा. प्रस्ताव में दिए गए पांचों आरोपों के आधार पर महाभियोग का प्रस्ताव नहीं बनता है. इन आरोपों के आधार पर कोई भी समझदार व्यक्ति चीफ जस्टिस को दुर्व्यहवहार का दोषी नहीं मान सकता.”

 

यह पहली बार है, जब किसी वर्तमान प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग का नोटिस दिया गया था.

उपराष्ट्रपति के इस फैसले पर कांग्रेस ने नाराजगी जाहिर की है. पार्टी के नेता पीएल पुनिया ने कहा, ‘सचमुच यह एक महत्वपूर्ण विषय है. हमें नहीं मालूम प्रस्ताव को क्यों खारिज कर दिया गया. कांग्रेस और अन्य विरोधी दल इस विषय पर कानून के विशेषज्ञों की राय लेगी और उसके बाद अगला कदम उठायेगी.’

महाभियोग प्रस्ताव खारिज किए जाने पर उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा है कि, “मैंने प्रस्ताव में दिए गए सभी पांच आरोपों को अपने विवेक से जांचा परखा. प्रस्ताव में दिए गए पांचों आरोपों के आधार पर महाभियोग का प्रस्ताव नहीं बनता है. इन आरोपों के आधार पर कोई भी समझदार व्यक्ति चीफ जस्टिस को दुर्व्यहवहार का दोषी नहीं मान सकता.”

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि उपराष्ट्रपति बिल्कुल ही फैसला किया है। सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाकर कांग्रेस ने आत्महत्या की है. उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति ने बिल्कुल सही फैसला किया है. पहले ही दिन इस प्रस्ताव को खारिज कर देना चाहिए था. राज्यसभा के सभापति ने फैसला करने में दो दिन लगा दिये, जो उन्हें नहीं लगाना चाहिए था.

Leave a Reply

Your e-mail address will not be published. Required fields are marked *