पशुओं की ब्रिकी पर बैन के विरोध में मंत्री अब मोदी के खिलाफ नज़र आ रहे है।

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मोदी सरकार के द्वारा लगाये गये पशुओं की ब्रिकी पर बैन के विरोध में अब उन्हीं के मत्री उनके खिलाफ नज़र आ रहे है। एनडीए की सहयोगी दल रिपब्लिकन पार्टी इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का कहना है कि मवेशियों पर पूरी तरह से बैन लगाना कहीं से भी उचित नहीं है।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि “गोहत्या पर प्रतिबंध लगना चाहिए पर मवेशियों पर पूरी तरह बैन लगाना सही नहीं है.” केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन जारी करके पशु मेलों में मवेशियों को वध के लिए बेचने पर रोक लगा दी थी. जिसके बाद से देशभर में इस प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।

इसके अलावा केरल और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों द्वारा भी आपत्ति जताई गई है. विरोधी दलों ने सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसेे असंवैधानिक करार दिया है.

मंत्री रामदास अठावले से पहले मेघालय के भाजपा नेताओं की ओर से भी मोदी सरकार को चेतावनी दी गई थी. भाजपा नेताओं ने कहा था कि यदि पशुओं की खरीद-फरोख्त पर नए नियम वापस नहीं लिए गए तो वे पार्टी से इस्तीफा दे देंगे।

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इस मामले में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जॉन एंटोनियस लिंगदोह ने कहा, “मेघालय में पार्टी के अधिकतर नेता नए नियम से खुश नहीं है, क्योंकि यह लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को प्रभावित करेगा.”

पूर्व खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लिंगदोह ने कहा, “हम पशुओं की खरीद-फरोख्त और उनके वध को लेकर जारी किए गए नए आदेश को स्वीकार नहीं कर सकते. हम अपनी खाने-पीने की आदतों के खिलाफ नहीं जा सकते और न ही पशु खरीद-फरोख्त और पशु वध के कारोबार से जुड़े लोगों के आर्थिक हितों को अधर में डाल सकते है.”।

अभी हाल में केरल में पशु ब्रिकी बैन को लेकर विरोध प्रकट करते हुए यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर गोवंश काटने का मामला सामने आया था।   आईआईटी मद्रास में स्टूडेंट्स ने पशु ब्रिकी बैन को लेकर विरोध  में बीफ फेस्ट का आयोजन किया था जिसके बाद कुछ कथित गोरक्षक समर्थक छात्रों ने एक छात्र की पिटाई कर दी थी. इस समय पूरे देश में यह मामला गरमाया हुआ है।

 

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