अंधविश्वास की हद – शौचालय बनवाया तो होगी मौत

खबरे समाज

प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के तहत जहां गांव-गांव में शौचालय बनवाए जा रहे हैं, वहीं बिहार में एक ऐसा गांव भी है जहां एक भी शौचालय नहीं है। जी हा बिहार के इस गांव में एक भी शौचालय नहीं है यह मामला नवादा जिले के गाजीपुर गांव का है। बिहार का यह गांव आज भी अंधविश्वास में जि रहा है। इन गांव वालो का मानना है कि घर में शौचालय होना अशुभ होता है, इससे बीमारियां फैलती हैं और मौत भी हो सकती है।

दो हज़ार की आबादी वाले गाजीपुर गांव में अच्छी सड़क, पक्के मकान, फ्रिज, कूलर, टीवी, इनवर्टर, बाथरूम में गीज़र तकमिल जाएंगे, लेकिन एक भी घर में शौचालय नहीं मिलेगा। एक भी घर ऐसा नहीं जिसमें शौचालय हो. सभी लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं.

अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 24 साल की प्रियंका देवी पहली बार मां बनने वाली है। लेकिन शौचालय ना होने के कारण वह कम खाना खा रही है, ताकि शौचालय के लिए रात में खेत ना जाना पड़े। शौचालय ना होने के कारण 2000 लोगों के इस गांव में हर किसी को परेशानी होती है।

गाजीपुर गांव में इस अंधविश्वास का जन्म 1984 में हुआ जब एक किसान सिद्धेश्वर सिंह के बेटे की तब मौत हो गई जब वो घर में शौचालय बनवा रहा था। कुछ समय बाद उसी गांव में रामप्रवेश शर्मा के बेटे की 1996 में घर में शौचालय निर्माण के समय मौत हो गई थी। इतना ही नहीं, सरकारी प्राइमरी स्कूल में बने टॉयलेट का इस्तेमाल करने के एक दिन बाद ही मुंद्रिका सिंह की मौत हो गई थी। तब से इस गांव में कोई भी शौचालय नहीं बनवाता और न ही गांव के लोगो स्कूलों के बने शौचालय में जाते है। लोगो में यह खौफ बैठ गया है कि अगर हम में से किसी ने भी शौचालय बनवाया था उसके बेटे की मौत हो जाएगी।

स्वच्छ भारत अभियान के बावजूद यहां खुले में शौच की जाती है।गांव के लोगो का कहना है पहले, “पहले जिंदगी है, बाद में स्वच्छता”

Leave a Reply

Your e-mail address will not be published. Required fields are marked *