तमिलनाडु के किसानों ने निर्वस्त्र हो कर अपना विरोध ज़ाहिर किया

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प्रधानमंत्री से मुलाक़ात न होने से नाराज़ तमिलनाडु से आए किसानों ने साउथ ब्लॉक के पास निर्वस्त्र हो कर अपना विरोध दर्ज किया।. कर्ज माफी की मांग को लेकर पिछले एक महीने से तमिलनाडु के किसान जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे।

पिछले मंगलवार मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बावज़ूद भी किसानों ने अपने अनशन ख़त्म करने से इनकार कर दिया था साथ ही मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा था कि सभी सहकारी बैंक कृषि लोन माफ़ करें पर इन किसानों की मांग इतनी नहीं है। किसान चाहते हैं कि राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिया गया कर्ज़ भी माफ़ हो साथ ही केंद्र सरकार द्वारा कावेरी प्रबंधन बोर्ड का गठन हो जिससे पानी की समस्या सुलझाई जा सके और किसानों को राहत मिले।

जंतर मंतर पर प्रदर्शन करते हुए तमिलनाडु के किसान ( जनसंघर्ष टीम )

तमिलनाडु के किसान अपनी समस्याएं प्रधानमंत्री को बताने के उद्देश्य से जंतर मंतर से निकले थे पर प्रधानमंत्री मोदी के न मिलने पर वे राष्ट्रपति भवन पहुंचे किसानों ने बताया कि उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया और अपना कोई प्रतिनिधि को भेजने को कहा गया। इस बात से नाराज़ होकर कुछ किसानों ने अपने कपड़े उतारकर ज़मीन पर लेटकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यहां से पुलिस इन्हें अपने साथ प्रधानमंत्री कार्यालय ले गई जहां किसानों ने अपना ज्ञापन सौंपा।

ये किसान पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर मंतर पर अलग-अलग ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। तमिलनाडु के कावेरी बेसिन के सूखा-पीड़ित किसान इंसानी खोपड़ियों के साथ दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका दावा है कि ये खोपड़ियां उन किसानों की हैं जिन्होंने कर्ज के बोझ के तले आत्महत्या कर ली या भूख ने जिनकी जान ले ली।
किसानों का कहना है कि कभी अपनी उपजाऊ जमीन के लिए प्रसिद्ध कावेरी बेसिन इलाके में अब किसानों को आत्महत्या करनी पड़ रही है।

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