सुब्रमण्यम स्वामी ने आपत्तिजनक पोस्ट कर जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय को अपमानित किया – जेएनयू छात्रसंघ

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नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) को पिछले कुछ सालो से लोग बदनाम करने की कोशिश कर रहे है। बीते दिन सोमवार को एक ऐसी ही घटना सामने आयी जिसमे सोशल नेटवर्किंग साइट ट्वीटर के जरिए भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के साथ दो अन्य ट्विटर अकाउंट्स ने आपत्तिजनक पोस्ट कर जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) को अपमानित किया है।

जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रसंघ ने सोमवार को सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर तीन अकाउंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पुलिस की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में जेएनयू छात्र संघ ने आरोप लगाया है कि भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के साथ दो अन्य ट्विटर अकाउंट्स ने आपत्तिजनक पोस्ट कर विश्वविद्यालय को अपमानित किया है।

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष मोहित पांडे ने कहा कि विश्वविद्यालय को अपमानित करने के लिए भाजपा और आरएसएस समर्थित ट्विट्स अकाउंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

शिकायत के मुताबिक, 30 अप्रैल को swami_sena नाम के ट्विटर हैंडल ने एक साल पुरानी न्यूज रिपोर्ट को साझा किया और ट्वीट किया कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों के द्वारा तैयार दस्तावेज कहते हैं जेएनयू सेक्स रैकेट का अड्डा है, इसे भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा रिट्वीट किया गया जिनके करीब चार लाख फॉलोवर्स हैं। इस अकाउंट को भाजपा के नेता भी फॉलो करते हैं।

एक अन्य ट्विटर अकाउंट @mera bharat ने ट्वीट किया कि जेएनयू के पास जीबी रोड से अधिक केंद्र हैं जो 1980 से अमीर लोगों की रात की पार्टी के लिए हाई क्लास लड़कियों का केंद्र रहा है।

छात्र संघ द्वारा दायर की गई शिकायत में कहा गया है कि किसी भी ऑथोरिटी को जेएनयू को ऑनलाइन या ऑफलाइन अपशब्द कहने का अधिकार नहीं है।हम राष्ट्रीय महिला आयोग के लिए भी लिखेंगे। जेएनयू देश में शीर्ष रैंक वाले विश्वविद्यालयों में से एक है।

मोहित पांडे कहते है किसी को भी जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) का दुरुपयोग और बदनाम करने का अधिकार नहीं है। सरकार जब तक इन ट्विटर यूजर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करती तब तक हम उसके खिलाफ लड़ेंगे। इसके अलावा करीब 70 प्रतिशत छात्राएं और संकाय विश्वविद्यालय में हैं। ट्विटर के यह मामले पूरी तरह से शर्मनाक हैं।

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