क्यों डॉ भीम राव अम्बेडकर 1956 की दीक्षा समारोह में गोपनीय तरीके से आए

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तीन दशक से भी ज्यादा अमेरिका में रहकर दलित अधिकारों के लिए लड़ने वाले योगेश वरहदे बताते है कि जब वे सिर्फ 13 साल की उम्र में थे तो उन्होंने बाबा साहेब का ऑटोग्राफ लेने के लिए नागपुर में उनके होटल के बाहर 5 घंटे इंतज़ार किया। और जब बाबा साहेब ने इस छोटे से बच्चे को अपने पास बुलाया तो 13 वर्षीय यह बालक अपनी ख़ुशी में इतना खो गया के बाबा साहेब के सामने कुछ नहीं बोल सका।

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