प्राइवेट स्कूलों की मनमानी

राष्ट्रीय शिक्षा

भारत भर में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी थमने का नाम नही ले रही है शिक्षा विभाग द्वारा कार्यवाई के नाम पर कोई कदम नही उठाया जा रहा है हर साल प्राइवेट स्कूलों की फीस ‘में बढ़ोतरी ‘हो रही है जिसके कारण मध्यवर्गीय लोग और गरीब लोग अपने बच्चो को सरकारी स्कूलो में पढ़ाने को मजबूर है और जो लोग अपने बच्चो को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा भी रहे है उनके कंधो पर अपने बच्चो की फीस देने का बोझ हमेशा बना रहता है। ऐसे में आल इंडिया पेरेंट्स फोरम फॉर एजुकेशन की स्थापना की गयी है जिसके के राष्ट्रीय प्रधान श्री रमेश राणा है।

रमेश राणा कहते है की यदि  शिक्षा विभाग जल्द ही प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम नही लगाता है तो मजबूरन अभिभावकों को सड़क उतारना होगा  स्कूलों की मनमानी के खिलाफ काफी अभिभावक एकजुट हो रहे है शिकायतों के बाबजूद अधिकारी कार्यवाई नही कर रहे है स्कूल प्रबंधन अवैध फीस जमा कराने के लिए अभिभवकों पर दवाव बना रहे है जिसे जमा न करने पर बच्चो का स्कूल से नाम काट दिया जाता है।

स्कूल ग्राम कमीशन का गठन  हो

एसोसियशन के वाइस प्रेजिडेंट अनिल कुमार व संजीव पुजानी ने कहा की कॉलेज में फीस नियंत्रण  को लेकर यूजीसी  गठन  किया गया है कॉलेज में आने वाली फीस का कुछ हिस्सा कॉलेज अपने पास रख कर बाकि  यूजीसी  में जमा कर देते है इसी तरह प्राइवेट स्कूल पर लगाम लगाने के लिए स्कूल ग्रांट कमीशन का गठन होना चाहिए

6 महीने पहले ही लेते है एडमिशन

पदाधिकारियो ने कहा कि स्कूल प्रबंधन बच्चो के एडमिशन 6 महीने पहले ही ले लेते है ऐसे में नया सेशन शुरू होने के पूर्व ही सारी सीटे फुल कर दी जाती है अक्टूबर में ही एडमिशन होने के तुरंत बाद अभिभावको से पूरी फीस जमा करा ली जाती है जबकि नियमानुसार स्कूल प्रबंधन पूरी फीस एक साथ नही ले सकते। स्कूल प्रशासन टोकन के रूप में कुछ ही रमक ले सकते है

9 को जंतर मंतर करेगे कूच

प्राइवेट स्कूल की मनमानी पर रोक लगाने की माँग को लेकर 2 अप्रैल को डिविजनल कमिशनर ऑफिस का घेराव किया जाएगा इस रैली के जरिए अभिभवाक अपना आक्रोश सरकार के सामने रखेगे इस रैली में गुरुग्राम और फरीदाबाद के करीब पांच हज़ार अभिभावक भाग लेगे  साथ ही 9 अप्रैल को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा  जंतर मंतर के एकत्र होने के बाद संसद की ओर कूच किया जाएगा। इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटर सहित प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को ज्ञापन सौपा जाएगा

हाइकोर्ट के आदेश नही मान रहे है स्कूल

वकील तजेंद्र सिंह के कहा की हाइकोर्ट में अभिभावकों द्वारा याचिका दायर की गयी थी इन याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 28 नवम्बर को प्राइवेट स्कूलों की ऑडिट कराए जाने का आदेश दिया था और कहा था कि जब तक ऑडिट नही हो जाता तब तक स्कूल न तो फीस बढ़ा सकता है और न ही अभिभावकों और बच्चो को परेशान कर सकता है लेकिन दुर्भाग्य की बात है की  स्कूल हाईकोर्ट के आदेश का पालन नही कर रहा है
इस कमिटी की स्थापना 19 मार्च को दिल्ली में हुई थी आल इंडिया पेरेंट्स फोरम फॉर एजुकेशन जिसका मुख्य उद्देश्य निजी स्कूलों में फीस वृद्धि और शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकना है।

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