भाटला गांव में दलितों के सामाजिक बहिष्कार में पुलिस भी शामिल – एडवोकेट रजत कल्सन

खबरे जातिवाद

हरियाणा के हांसी के भाटला गांव में दलित उत्पीड़न कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है।भाटला गांव में पिछले महीने दलित उत्पीड़न और सामाजिक बहिष्कार के बाद अब गांव के जाट और ब्राह्मण समुदाय के लोगो ने सड़क, सरकारी नालियों की किनारे उगी घास पर जहरीला स्प्रे करना शुरू कर दिया है जिसके कारण दलितों के पशु चारे के अभाव में भूखे मर रहे है व उन्हें कोडिय़ों के दाम पर अपने पशुओं को बेचना पड़ रहा है।

जनसंघर्ष की टीम से फ़ोन पर बात करते हुए नेशनल अलॉयंस फॉर दलित ह्यूमन राइटस के संयोजक रजत कल्सन ने कहा कि भाटला गांव में दलितों का सामाजिक बहिष्कार जारी है, जब हमने इस सामाजिक बहिष्कार का पिछले महीने अंबेडकर चौक स्थित 7 दिवसीय धरने दिया था तब पुलिस ने सामाजिक बहिष्कार के मामले में 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था तथा हांसी के एएसपी ने धरने पर आकर 24 घंटे में गिरफ्तारी की जिम्मेवारी ली थी। परंतु एक माह बाद भी किसी आरोपी कीे गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। रजत कलसन ने कहा कि अभी तक हम लोग एक दर्जन से ज्यादा पुलिस कम्प्लेन दर्ज करवा चुके है पर पुलिस की तरफ से कोई कार्यवाई नहीं हुई है।

 यह भी पढ़े   भाटला गांव हो रहा हैं दलितों का सामाजिक बहिष्कार

दलित ग्रामीणों के अनुसार पहले कुछ दुकानदार उन्हें सामान दे रहे थे। परंतु गांव के जाट और ब्राह्मणो ने उन्हें भी सामान न देने के लिए धमका दिया है। जिसके कारण गांव में चमार जाति के लोगो को बगल के गांव से सामान लाना पड़ रहा है। जिससे स्थिति ओर भी गंभीर हो गई है।और पुलिस दलितों के साथ ही अपमानजनक तरीके से पेश आ रही है।

एडवोकेट कल्सन ने कहा कि पुलिस के रवैये से निराश होकर हम लोग सुप्रीम कोर्ट में दलित ग्रामीणों के मूल अधिकार भंग होने की स्थिति में एक याचिका दायर करने जा रहे है। जिसमें भाटला प्रकरण के तीनों मुकदमों की स्वतंत्र जांच के लिए, हांसी एसपी, एएसपी, डीएसपी व एसएचओ थाना सदर, हांसी के खिलाफ जानबूझ कर दलितों के मुकदमों को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कार्रवाई करने, गांव भाटला में दलित बस्ती में स्थायी पुलिस चौकी बनाने, दलितों को आर्म लाइसेंस जारी करने, दलितों के खिलाफ जारी सामाजिक बंदी की समाप्ति को सुनिश्चित करने जैसी मांगे की जाएगी।

हरियाणा में हांसी जिले के भाटला गांव में दलितों का सामाजिक बहिष्कार के प्रकरण में आज हरियाणा से कई सामाजिक संगठनों की टीम ने भाटला जाकर फैक्ट-फाइंडिंग की व भाटला में दलितों के विरूद्ध जारी सामाजिक बहिष्कार के मामले की जांच की टीम के सदस्यों ने भाटला में पीडि़त दलित परिवारों से बातचीत की। फैक्ट-फाइंडिंग टीम का नेतृत्व कर रहे पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टी के हरियाणा प्रभारी पंकज त्यागी व ह्यूमन राइटस लॉ नेटवर्क तथा नेशनल अलॉयंस फॉर दलित ह्यूमन राइटस के संयोजक रजत कल्सन, एडवोकेट बलवंत बोंदिया, मनीषा मशाल सहित अन्य संगठनों के पदधिकारी मौजूद थे।

 यह भी पढ़े   उत्तरप्रदेश में वाल्मीकि समाज पर हो रहे है अत्याचार,पुलिस है खमोश

उन्होंने कहा कि गांव के दबंग खुलेआम उन्हें टारगेट कर मारने की साजिश रच रहे है, जिसे हांसी के कुछ पुलिस अधिकारियों की शह मिल रही है।

कैथल से पीयूडीआर के अधिवक्ता एडवोकेट राजेश कापड़ो ने कहा कि दलित ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि दबंगों ने सड़क, सरकारी नालियों की किनारे उगी घास पर जहरीला स्प्रे कर दिया है। जिससे उनके पशु चारे के अभाव में भूखे मर रहे है व उन्हें कोडिय़ों के दाम पर अपने पशुओं को बेचना पड़ रहा है।

Leave a Reply

Your e-mail address will not be published. Required fields are marked *