नई हज नीति 2018 का काम अंतिम चरण में, एक से ज्यादा बार हज यात्रा करने पर लग सकती है रोक

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केंद्र की मोदी सरकार आज कल नई हज नीति तैयार कर रही है, इस नई हज नीति के अनुसार एक बार से अधिक बार हज यात्रा जाने पर रोक लगाई जा सकती है। नई हज नीति 2018 का काम अंतिम चरण में है और अगले साल से हज यात्रा इस नई हज नीति के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी ।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ‘भाषा’ को बताया कि नई हज नीति के बारे में विभिन्न पक्षकारों के साथ चर्चा की गई है और यह सुप्रीम कोर्ट के साल 2012 के आदेश के अनुरुप आगे बढ़ाई जा रही है. इसके तहत हज यात्रा को सस्ता, सुलभ और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ऐसा देखा गया है कि अमीर लोग कई बार हज यात्रा पर जाते हैं और गरीब लोग मौके से वंचित रह जाते हैं. ऐसे में नई हज नीति में इस सुझाव को तवज्जो दी जा रही है कि अमीर लोगों के बार-बार हज यात्रा पर जाने के चलन को आगे बढ़ाने की बजाए जीवन में एक बार ही हज यात्रा पर जाने का प्रावधान किया जा सके. इसका मकसद यह है कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी हज यात्रा पर जा सके. उन्होंने बताया कि हज सब्सिडी को समाप्त करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

नई हज नीति के महत्वपूर्ण बिंदुओं में समुद्री मार्ग से भी हज यात्रा को दोबारा शुरू करने का विषय भी शामिल है. नई नीति में इस बात पर जोर दिए जाने की संभावना है कि बार-बार हज यात्रा पर जाने के चलन को रोका जाए और जीवन में एक बार ही हज यात्रा पर जाने का प्रावधान किया जा सके।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि “हज नीति-2018 तय करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार करने के अंतिम चरण में है और इस नई नीति को संभवत: इस महीने के अंत तक जारी कर दिया जाएंगे। नई हज पॉलिसी का उद्देश्य हज की संपूर्ण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है. इस नई पॉलिसी में हज यात्रियों के लिए विभिन्न सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएंगे”।

नकवी ने कहा कि इस नई हज नीति के महत्वपूर्ण बिंदुओं में समुद्री मार्ग से भी हज यात्रा को दोबारा शुरू करना शामिल है. हज यात्रियों के मुंबई से समुद्री मार्ग के जरिये जेद्दा जाने का सिलसिला 1995 में रुक गया था. हज यात्रियों को जहाज (समुद्री मार्ग) से भेजने पर यात्रा संबंधी खर्च करीब आधा हो जाएगा. नई तकनीक और सुविधाओं से युक्त पानी का जहाज एक समय में चार से पांच हजार लोगों को ले जाने में सक्षम है।

नकवी ने कहा कि मुंबई और जेद्दा के बीच 2,300 नॉटिकल मील की एक ओर की दूरी सिर्फ दो-तीन दिनों में पूरी की जा सकती है. जबकि पहले पुराने जहाज से 12 से 15 दिन लगते थे.

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