बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेडकर का हमारी उन्नति में अतुलनीय योगदान……

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बलिया जनपद अंतर्गत उभांव थाना से पूरब एक विशाल बहुजन सम्मेलन का आयोजन अम्बेडकरवादी साथियो द्वारा किया गया जिसकी मुख्य अतिथि बीएचयू की अंग्रेजी की प्रोफेसर श्रीमती इंदू चौधरी जी रहीं।

उक्त कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए मैंने कहा कि देश के बहुजनो को हत्याओं पर आधारित त्यौहारों से विरत रहना चाहिए।हिन्दू धर्म के जो भी त्यौहार है वे बहुजन महापुरुषों के वध पर आधारित हैं।रावण,बलि,हिरणकश्यप, महिषासुर सहित वे सभी असुर-राक्षस जिनका कथित धर्मकाज में वध कर दिया गया वे अहिंसा समर्थक व पशुबलि के विरोधी मूल निवासी राजा थे जो हमारे पूर्वज हैं।कम से कम हमे अपने इन पूर्वजो की हत्या पर आधारित इन त्यौहारों को नही मनाना चाहिए।

मैने कहा कि बाबा साहब हम सबके देवता हैं क्योंकि उन्होंने हमे संवैधानिक अधिकार दिए हैं।मैंने उपस्थित जन समूह से पूछा कि देवता देने वाले को कहते हैं या लेने वाले को तो भीड़ ने कहा कि देने वाले को देवता कहते हैं।मैंने फिर डिफाइन करते हुए कहा कि हम जिन 33 करोड़ काल्पनिक पात्रों को देवता कहते हैं वे कपूर,मेवा,पूड़ी-हलुवा,पशु बलि,नकद दक्षिणा सहित भोग आदि की भिन्ना-भिन्न सामग्रियों को लेते हैं और देते कुछ भी नही है इसलिए ये तो लेवता हुए।वास्तव में देवता तो बाबा साहब डॉ आंबेडकर और अन्यान्य बहुजन महापुरुष हुए जिन्होंने हमे लोकतंत्र, आरक्षण,समता,समानता,बन्धुत्व,शोषण विहीन संविधान और राजा बनने का अधिकार आदि उपलब्ध कराया है।

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मैंने कहा कि जब-जब चुनाव आता है तब-तब जिन्ना की तरह धार्मिक जिन्न निकल आते हैं।हमें मुसलमानों का भय दिखा करके हिन्दू बनाकर वोट ले लिया जाता है।हम वंचित समाज के भोले-भाले लोग धर्म के नाम पर ठग लिए जाते हैं।यथार्थ यह है कि मुसलमान हमारा मित्र व पूर्वज है।कुछ सौ साल पहले हमारे ही कुल-खानदान के लोग इस्लाम में समता का भाव देखकर इस धर्म को धारण कर लिए।

घोषी मुसलमान यादव से कन्वर्टेड है,इसी तरह जुलाहा,धोबी,धुनिया, रजक,हजाम,गद्दी,हलालखोर सहित अन्यान्य मुस्लिम जातियां है जो बहुजन समाज से कन्वर्टेड हैं।ये मुसलमान हमारे अधिकारों के विरोधी नही हैं बल्कि हमे हिंदुत्व का चोला पहनाने वाले हमारे प्रभु वर्ग के भाई ही हमारे अधिकारों के विरोधी हैं जिन्होंने हमे हजार वर्षों से सामाजिक गुलाम बना रखा है।हमे सजग होकर अपने दोस्त और दुश्मन को पहचानना होगा।

मैने कहा कि सामाजिक समता और संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति के लिए समस्त दलित-पिछडो को एकजुट होना पड़ेगा।मुझे खुशी है कि श्रीमती इंदू चौधरी जी वंचित एकता हेतु अभियान छेड़े हुए हैं।

facebook post – चंद्र भूषण सिंह यादव

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