भीम आर्मी के समर्थन में उतरी दलित महिलाएं त्यागा हिन्दू धर्म

खबरे राजनीति

उत्तर प्रदेश में दलित उत्पीड़ण का मामला कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। सहारनपुर,अलीगढ़, मुजफ्फरनगर और अब सहारनपुर के दलित महिलाओ ने अपना धर्म बदला।

सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में जातीय हिंसा के बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से खफा दलित महिलाओं ने शुक्रवार को तहसील पहुंचकर हंगामा किया। करीब डेढ़ घंटा तक प्रदर्शनकारी महिलाएं अपनी मांगों को लेकर मोर्चे पर डटी रहीं। ये गिरफ्तार किए गए युवकों की रिहाई की मांग कर रही थीं। इसके बाद महिलाएं जुलूस के रूप में दिल्ली रोड हाईवे घसौती चौक पहुंचीं जहां उन्होंने देवी देवताओं की मूर्तियों और चित्रों को रजवाहे में प्रवाहित कर बौद्ध धर्म अपनाने का एलान किया।

   यह भी पढ़े     मुरादाबाद और अलीगढ़ के बाद मुजफ्फरनगर के दलितों ने हिन्दू धर्म छोड़ा

रामपुर मनिहारान तहसील के गांव शब्बीरपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद 11 मई को रामपुर मनिहारान में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस पर किए गए पथराव में मौके से एक दर्जन भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि 12 अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जबकि दलितों के घर जलाने वाले ठाकुर पक्ष के लोगों को क्लीनचिट देकर छोड़ा जा रहा है। इससे नाराज दलित महिलाएं शुक्रवार की सुबह साढ़े 11 बजे नारेबाजी करती हुई तहसील में पिछले गेट से दाखिल हुईं। वहां महिलाओं ने जमकर हंगामा किया।

उनका कहना था कि पुलिस ने उनके समाज के निर्दोष युवकों को जेल भेजा है और उनके समाज को रविदास मंदिर तक में बैठने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में आरएसएस के कार्यक्रम चल रहे हैं और दलित समाज की शांति पूर्ण बैठकों पर रोक लगाई जा रही है। इसे बरदाश्त नहीं किया जाएगा।

  यह भी पढ़े    खटर राज में हरियाणा पुलिस ने दलितों को बनाया “देशद्रोही”

बाद में महिलाओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राकेश कुमार व सीओ अब्दुल कादिर को सौंपा। इसमें मांग की गई कि जेल में बंद निर्दोष युवकों को रिहा किया जाए और पुलिस की दबिश पर रोक लगाई जाए। साथ ही रविदास मंदिर में बैठने से न रोका जाए।
सीओ अब्दुल कादिर ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि  किसी भी निर्दोष पर कार्यवाई नहीं होगी और दोषियों पर सख्त कार्यवाई की जाएगी।बाद में तहसील से महिलाएं एक जुलूस के रूप में हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर दिल्ली रोड घसौती चौक रजवाहे की पुलिया पर पहुंचीं।
यहां उन्होंने देवी देवताओं के चित्रों का रजवाहे में प्रवाहित करते हुए बौद्ध धर्म अपनाने का एलान किया।

Leave a Reply

Your e-mail address will not be published. Required fields are marked *