दलित जज सी एस कर्णन आज होंगे रिटायर

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कलकत्ता हाईकोर्ट के दलित जज सी एस कर्णन आज रिटायर हो रहे हैं। देश के इतिहास में ये पहला मौका है जब कोई जज अपनी फेयरवेल पार्टी में शामिल नहीं होंगे। अगर वो सामने आते भी हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।आज जज सी एस कर्णन के कार्यकाल का आखिरी दिन है।इसके पहले से ही सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना के मामले में सुनवाई करते हुए फैसला सुनाने के उनके प्रशासनिक अधिकारों को छीन लिया है। उन्हें छह महीने जेल की सजा सुनाई गई है, लेकिन नौ मई को इस फैसले के बाद से ही वे गायब हैं।

जानिए जस्टिस कर्णन के बारे में कुछ अहम बातें

1- जज सी एस कर्णन मार्च 2009 में जज बने थे। पहली बार जस्टिस कर्णन ने अपने साथी जजों पर दलित होने के कारण उनके साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। जुडिशल सिस्टम के खिलाफ ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जस्टिस कर्णन ने अपने ट्रांसफर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था ।

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2 – जस्टिस कर्णन ने 23 जनवरी 2017 को पीएम मोदी को लिखे खत में सुप्रीम कोर्ट और मद्रास हाई कोर्ट के जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। कर्णन ने इस चिट्ठी में 20 जजों के नाम लिखते हुए उनके खिलाफ जांच की मांग की थी।

3 – इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना का नोटिस जारी कर उन्हें सुप्रीम कोर्ट के 7 जजों की बेंच के सामने पेश होने को कहा। जुडिशल इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब हाई कोर्ट के किसी मौजूदा जज को अवमानना के मामले में SC में पेश होने को कहा गया।

4 – सुप्रीम कोर्ट से वॉरंट जारी होने के बाद जस्टिस कर्णन 31 मार्च को अदालत के सामने पेश हुए थे।

5 – हालांकि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से जस्टिस कर्णन नाराज भी हो गए थे और कर्णन ने 14 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर सहित 7 जजों को एससी-एसटी ऐक्ट के उल्लंघन का दोषी बनाया और उनके खिलाफ इन आरोपों में समन जारी कर दिया।

6 – 28 अप्रैल को कर्णन ने केस की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस जेएस खेहर समेत 7 जजों की विदेश यात्रा पर बैन लगाने का आदेश जारी किया

7 – एक मई को सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन की मानसिक जांच के लिए मेडिकल टीम भेजने का आदेश सुनाया। SC ने जांच रिपोर्ट 8 मई तक सौंपने का आदेश दिया था। हालांकि कर्णन ने मानसिक जांच कराने से इनकार कर दिया।

8 – इसके बाद जस्टिस कर्णन ने 8 मई 2017 को भारत के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर समेत सुप्रीम कोर्ट के 7 अन्य जजों को 5-5 साल के कठोर कारावास की सजा सुना दी।

9 – फिर SC के 7 जजों की संविधान पीठ ने कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस कर्णन को अवमानना का दोषी करार देते हुए उन्हें कोर्ट ने 6 महीने कैद की सजा सुना दी। इसके बाद से ही जस्टिस कर्णन फरार हैं।

जस्टिस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को असंवैधानिक बताया था। उन्होंने कहा था, ‘ 8 फरवरी से ये सात जज मुझे कोई भी न्यायिक और प्रशासनिक कार्य नहीं करने दे रहे हैं। इन लोगों ने मुझे परेशान कर दिया है और मेरा सामान्य जीवन खराब कर दिया है। इसलिए, मैं सभी सात न्यायाधीशों से मुआवजे के रूप में 14 करोड़ रुपये लूंगा।’

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