उत्तरप्रदेश पुलिस ने भीम आर्मी के नक्सलियों से जुड़े होने के आरोपो को नकारा

खबरे बहुजन अधिकार बहुजन आवाज

सहारनपुर के शब्बीरपुर गाँव में ठाकुरो द्वारा दलितों के घर जलाने के बाद से सुर्खियों में आयी भीम आर्मी नमक दलित संगठन के बारे में मीडिया में तरह तरह के खबरे आ रही है। कोई भीम आर्मी के अकाउंट में करोडो रुपए का चंदा विदेशो से आने की बात कह रहा है तो कभी मीडिया भीम आर्मी को नक्सली साबित करने लगती है।

उत्तरप्रदेश के सह पुलिस महानिदेशक आनंद कुमार ने भीम आर्मी के नक्सलवाद से कनेक्शन को पूरी तरह नकार दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एडीजी आनंद कुमार ने बताया कि शब्बीरपुर में 5 मई को हुए बवाल में 9 एफआईआर दर्ज हुईं थीं और उनमें 17 लोग गिरफ्तार किए गए थे, जबकि 9 मई को हुए बवाल के मामले में 24 एफआईआर दर्ज कराई गईं हैं और 37 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें 7 लोग सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में भी गिरफ्तार हैं।

आनंद कुमार ने कहा कि सहारनपुर में हुई बवाल की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। बवाल के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। घटनाएं क्यों हुई, कौन उत्तरदायी है और लापरवाही कहां हुई, इसकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी।

बुधवार को आनंद कुमार ने शब्बीरपुर और सहारनपुर में हुए बवाल के संबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने के बाद पत्रकारों से कहा सहारनपुर पटरी पर लौट रहा है। सामाजिक समरसता की पहचान रखने वाले सहारनपुर में आखिर ऐसी घटनाएं क्यों हुईं। इसकी पूरी पड़ताल की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि पुलिस एवं प्रशासन की कमी कहां रह गई।

अमर उजाला के मुताबिक, एडीजी ने कहा कि जो लोग दोषी हैं सिर्फ उन पर ही कार्रवाई होगी, निर्दोषों को किसी तरह परेशान नहीं किया जाएगा। संवेदनशील इलाकों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।

क्या था मामला

5 मई को महाराणा प्रताप जयंती के जुलूस में डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों में जमकर बवाल हुआ। इस दौरान ठाकुर समुदाय के कुछ लोगो द्वारा दलितों पर किये गए हमले में 14 दलित बुरी तरह से घायल हुए थे और लगभग 60 घर जलाये गए तथा लूटपाट की गयी। इस घटना में ठाकुर समुदाय के एक युवक की भी मौत हो गयी थी।

9 मई को भीम सेना नामक दलित संगठन ने शब्बीरपुर के मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाही करने तथा दलितों को मुयाव्ज़ा आदि देने की मांग को लेकर रविदास छात्रावास में मीटिंग बुलाई थी परन्तु पुलिस द्वारा उन्हें उक्त मीटिंग नहीं करने दी गयी तथा उन्हें गाँधी मैदान जाने के लिए कहा गया. वहां पर भी पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक खदेड़ दिया जिस पर वे शहर में बिखर गए. उन्होंने शहर में प्रवेश करने वाली सड़कों पर जाम लगा दिया जिसे खुलवाने के प्रयास में प्रशासन के साथ झडपें हुयीं जिसमे कुछ अधिकारियों को चोटें भी आयीं तथा कुछ वाहन भी जला दिए गए।

Leave a Reply

Your e-mail address will not be published. Required fields are marked *