चंद्रशेखर के भाई से पुलिस ने की पूंछताछ, भाई का आरोप पुलिस चंद्रशेखर को फ़साना चाहती है। 

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उत्तरप्रदेश के सहारनपुर में पिछले कुछ दिनों से जातिय हिंसा हो रही थी। इस जातिय हिंसा में भीम आर्मी का नाम शुरू से आता रहा है। भीम आर्मी के सस्थांपक चंद्रशेखर आजाद “रावण ” पर पुलिस ने बहुत से आरोप लगाए है और चंदशेखर को पकड़ने में नाकाम रही है।
आज उत्तरप्रदेश पुलिस ने भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद के छोटे भाई को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। इससे पहले चंद्रशेखर की मां और छोटा भाई प्रेस वार्ता करने के लिए पहुंचे थे। प्रेस से बातचीत करने के तुरंत बाद ही वहां पहुंची पुलिस ने चंद्रशेखर के भाई कमल किशोर को हिरासत में ले लिया।

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फिलहाल पुलिस के आला अधिकारी गिरफ्तारी की बात से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि कमल को पुलिस सिर्फ पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। इससे पहले बामियान बुद्ध बिहार में प्रेस से बातचीत करने पहुंचे चंद्रशेखर के मां और छोटे भाई ने उसे निर्दोष बताया। चंद्रशेखर के छोटे भाई ने भीम आर्मी और चंद्रशेखर के खिलाफ लगाए गए आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताया।

उन्होंने कहा कि उनके भाई को शासन-प्रशासन फंसा रहा है। चंद्रशेखर के सरेंडर की बात पर कमल ने कहा कि वह कोई अपराधी नहीं है जो सरेंडर करेंगे। जो लोग वास्तव में सहारनपुर हिंसा के आरोपी हैं उन्हें पुलिस प्रशासन बचा रहा है। चंद्रशेखर की मां ने कहा कि अगर उनका बेटा अरेस्ट होता है तो जेल के सामने धरना दिया जाएगा।

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क्या था मामला

5 मई को महाराणा प्रताप जयंती के जुलूस में डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों में जमकर बवाल हुआ। इस दौरान ठाकुर समुदाय के कुछ लोगो द्वारा दलितों पर किये गए हमले में 14 दलित बुरी तरह से घायल हुए थे और लगभग 60 घर जलाये गए तथा लूटपाट की गयी। इस घटना में ठाकुर समुदाय के एक युवक की भी मौत हो गयी थी।

9 मई को भीम सेना नामक दलित संगठन ने शब्बीरपुर के मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाही करने तथा दलितों को मुयाव्ज़ा आदि देने की मांग को लेकर रविदास छात्रावास में मीटिंग बुलाई थी परन्तु पुलिस द्वारा उन्हें उक्त मीटिंग नहीं करने दी गयी तथा उन्हें गाँधी मैदान जाने के लिए कहा गया. वहां पर भी पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक खदेड़ दिया जिस पर वे शहर में बिखर गए. उन्होंने शहर में प्रवेश करने वाली सड़कों पर जाम लगा दिया जिसे खुलवाने के प्रयास में प्रशासन के साथ झडपें हुयीं जिसमे कुछ अधिकारियों को चोटें भी आयीं तथा कुछ वाहन भी जला दिए गए।

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